About Us

नालंदा प्रारम्भ से ही विद्या के रूप में विश्वविख्यात रहा है। ऐतिहासिक गरिमाओ से युक्त बुध, महावीर, बाबा मणिराम, सूफी संत मखदूम शाह सर्फुद्दीन की ज्ञान भूमि, कर्म भूमि एवं विश्व संस्कृति को अपने ज्ञान के प्रकाश से सदियों तक आलोकित करने वाला नालंदा विश्वविद्यालय की भांति डायट नालंदा, नूरसराय अपनी महत्पूर्ण उपलब्धियों से प्रशिक्षुओं को ज्ञान का मार्गदर्शन कर रहा है। सर्वप्रथम यह 1976 तक प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय सलगाडीह रांची (झारखण्ड) में क्राफ्ट कॉलेज के रूप में चल रहा था। 1977 में तत्कालीन शिक्षामंत्री स्व रामराज सिंह के पहल पर यह नालंदा जिले के नूरसराय प्रखंड में स्थापित हुआ। मुख्यालय बिहारशरीफ से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर यह अवस्थित है। नूरसराय में प्राथमिक शिक्षक-शिक्षा महाविद्यालय के रूप में प्रसिद्ध हुआ। सत्र 1990-92 तक लड़कियां यहाँ आवासीय प्रशिक्षण लती थी। बीच में कुछ वर्षो तक प्रशिक्षण बंद रहा। पुनः 2005 में एन॰सी॰टी॰ई॰ क्षत्रिये समिति भुवनेश्वर द्वारा 5० सीटों की मान्यता मिली। तत्पश्चात डायट के रूप में सत्र 2007-10 से 2011-13 तक 50 छात्राओं का नामांकन के प्रावधान के तहत शैक्षिक सत्र चला। सत्र 2012-14 से 100 सीटों की मान्यता मिली। सत्र 2013-15 से डायट में सह शिक्षा की व्यवस्था हो गई है। ख़ुशी की बात है की आगामी सत्र हेतु पुनः 100 और सीटों की बढ़ोतरी के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रस्ताव भेजी गई है।

Facilities

Library

Lab

प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के लिए बिहार सरकार, शिक्षा विभाग द्वारा गणित भाषा एवं पर्यावरण के क्षेत्र में चयनित पाठ्यक्रम की विषय वस्तु से सम्बंधित अवधारणाओं को बच्चो के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है निम्न अवधारणाओं की समझ विकसित करने के लिए आवश्यक किट/ सहायक शिक्षण सामग्री, प्रयोगशाला में उपलब्ध है।

Vision

Mission

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नालंदा में प्रशिक्षण के दौरान यह प्रयास किया जाता है कि सभी प्रतिभागी एक शिक्षक के रूप में ....